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मलेरिया मुक्त बस्तर अभियानः जिले में 1 लाख 53 हजार लोगों की हुई मलेरिया जांच

नारायणपुर, 30 जुलाई 2020

जिले के दुर्गम क्षेत्र और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम नारायणपुर और ओरछा क्षेत्र के उबड़-खाबड़ रास्ते, नदी-नालों को पारकर वनाचंल गांव जहां आवागमन के साधन नहीं होने के कारण कई किलोमीटर तक दुर्गम मार्गों में पैदल चलकर गांवों के घरों एवं पैरामिलिट्री कैम्पों में पहुंचकर लोगों के मलेरिया की जांच की जा रही है। बारिश के समय मे यह जांच और आवश्यक हो जाता है क्योंकि इसी समय मलेरिया के ज्यादातर मामले मिलते हैं। कोरोना संकट के समय में भी जिले के स्वास्थ्य योद्धा जिले को मलेरिया से मुक्त करने के काम मे पूरी लगन के साथ जुटें हुए हैं।  मलेरिया मुक्त अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग जिला नारायणपुर द्वारा प्रथम चरण के सघन अभियान में जिले के 173991 लोगों की मलेरिया जांच की गई है। जांच में 11551 महिला, पुरूष और बच्चे मलेरिया पॉजिटिव पाये गए, जिनका उपचार किया गया। दूसरे चरण के अभियान में अब तक 153205 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमे से.5965 लोग पॉजिटिव पाये गए। प्रथम चरण की अपेक्षा द्वितीय चरण में मलेरिया पॉजिटिव व्यक्तियों की संख्या में कमी आयी है। प्रथम चरण में किये गये प्रयासों के कारण ही यह कमी देखी जा रही है। ज्ञातव्य हो कि नारायणपुर जिले को मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की शुरूआत की गई है।
राज्य शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र के लोगों को मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण से मुक्त करने के लिए चलाये जा रहे अभियान में जिले के स्वास्थ्य अमले सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कुपोषण का एक बड़ा कारण मलेरिया है। मलेरिया संक्रमण से रक्त की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया की स्थिति निर्मित होती है। साथ ही मलेरिया के कारण हीमोलिसिस होने से प्रोटीन तथा शरीर के अन्य पोषक तत्वों का भी हा्रस होता है जो कुपोषण का कारण बनता है। अतः मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान न केवल मलेरिया से मुक्ति दिलायेगा परंतु एनीमिया, कुपोषण, शिशु एवं मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने में कारगर सिद्ध हुआ है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आनंदराम गोटा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान में मलेरिया के बचाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस क्रम में अब तक जिले के 29542 घरांे का सर्वे किया गया है। जिसमें अर्धसैनिक बलों के कैम्प भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अब तक 88 घरों में मलेरिया के लार्वा मौजूद मिले। जिन्हें मौके पर ही सर्वेक्षण दल द्वारा नष्ट किया गया। दल द्वारा मच्छरदानी देकर उसे लगाने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।

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