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राज्य में सबसे पहले पीएचई में लागू हुआ नया यूएसओआर रेट निर्माण एवं संधारण कार्यों में आएगी तेजी : गुरु रूद्रकुमार

रायपुर, 13 जून 2020 / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने राज्य में सबसे पहले अपना नया यूएसओआर रेट लागू कर दिया है। पीएचयू मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में विभागीय अधिकारियों द्वारा नया यूएसओआर रेट सभी बारीकियों को ध्यान में रखकर काफी मशक्कत से तैयार किया गया है। इस नए यूएसओआर रेट से विभागीय निर्माण कार्यों एवं संधारण के कार्यों को कराने में आसानी होगी। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने नवीन दर को विभागीय कार्यों के लिए बीते एक जून को विधिवत लागू करते हुए इसके लिए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नवीन दर लागू होने से वर्ष 2024 तक राज्य के सभी गांवों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से जल की आपूर्ति के अंतर्गत कराये जाने वाले कार्य सहजता से समय-सीमा में पूर्ण कराए जा सकेंगे। नया यूएसओआर रेट लागू हो जाने से पेयजल संबंधी निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों को कराने में आसानी होगी। नया यूएसओआर रेट के कारण अब राज्य शासन के राज्यांश के अतिरिक्त अन्य वित्तीय भार की बचत होगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी विभागों को कांट्रेक्ट दर को नए सिरे से लागू करने निर्देश दिए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्राथमिकता से नवीन दर (यूएसओआर) को लागू करने के साथ ही इसे विभाग के वेबसाइट में भी आॅनलाईन लांच किया गया है। पीएचई सचिव श्री अविनाश चंपावत के अनुसार इस नवीन यूएसओआर में राज्य के सभी मदों की पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए अनेक जॉब वर्क के रूप में सम्मिलित हैं। इससे राज्य के सुदूर अंचल सहित अन्य इलाकों में विभागीय कामकाज को तेजी से पूरा कराने में मदद मिलेगी। ज्ञातव्य है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में वर्ष 2013 का यूएसओआर प्रचलन में था। प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अनुसार राज्य में पेयजल के कार्यों को गति प्रदान करने हेतु वर्ष 2013 के यूएसओआर के आधार पर नया यूएसओआर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभावशील नवीन यूएसओआर में पहली बार निर्माण कार्यों के साथ-साथ संचालन-संधारण से संबंधित समस्त कार्यों की लागत को भी इसमें शामिल किया गया है। जिसका उपयोग शासन के अन्य विभागों जैसे – नगरीय प्रशासन, पंचायत विभाग, नगर निगम, नगर पालिका और उद्योग विभाग में भी पेयजल संबंधी निर्माण कार्यों में ला सकेंगे।

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