Fri. Apr 10th, 2020

आधात्मिक ज्ञान से होगा सकारात्मक सोच का संचार- गुरु प्रभु

इंदौर : पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में छात्रों के विचारों को सकारात्मक सोच की ओर प्रभावशील करने हेतु एक दिवसीय आध्यात्मिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित अक्षय पात्र फॉउंडेशन के आध्यात्मिक गुरु प्रभु के द्वारा छात्रों को अध्यात्म के बारे में वृहद जानकारी देते हुए संस्थान के बारे में बताया कि अक्षय पात्र फॉउंडेशन के संस्थापक आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद है। यह ऐसी संस्था है जहाँ बच्चों को खाना प्रदान किया जाता है, साथ ही अक्षय पात्र के माध्यम से शिक्षा का स्तर बढ़ाया है।


मन को नियंत्रित करना क्यों ज़रूरी है..? विचार क्या है.? कहा से आते है.?

आंखे बंद कर शांत अवस्था में रहने पर 30 सेकंड में मन मे 20 तरह के विचार आते है। मतलब 24 घण्टे में 15000 से भी ज्यादा विचार हमारे मन मे आते है।
अगर व्यक्ति मन को नियंत्रित कर लिया तो सब सफल हो जाता है। विचार से चरित्र का पता चलता है, जीवन मे अगर सफलता चाहिए तो मन को कंट्रोल कर अच्छी संगति में रहना जरूरी है। सबसे पहले आत्मा, बुद्धि, मन, फिर इंद्री होती है। “व्यक्ति को जो आश दिखाई जाती है वह झूठ है”।


आयोजित कार्यक्रम के बारे में पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन शाला की विभागाध्यक्ष डॉ.सोनाली नरगुंदे ने बताया कि पत्रकारिता जगत समाज से जुड़ा हुआ सज़ग प्रहरी होता है। जब तक व्यक्ति के मन मे सकारात्मक सोच के साथ उर्जा का संचार नहीं होता तब तक समाज में फैली विकृति को दूर नहीं किया जा सकता है। हमने इस कार्यशाला में एक सेसन भजनसंकीर्तन का रखा था जिसके बारे में बताते हुए आपने कहा कि छात्रों के अंदर की डर व झिझक को हटाने के लिए रखा गया था जिससे छात्र अपने आप को बेहतर तरीके से विना डर के समाज के बीच मे प्रस्तुत कर सके, पत्रकारिता जगत से जुड़े व्यक्ति को पूर्णतः स्वतंत्र होना आवश्यक है। तभी वह अपने अंदर की कला को विखेर पाएगा। कार्यशाला के अंत मे छात्रों को प्रसाद वितरित कर महत्वपूर्ण पुस्तकों से सम्बंधित जानकारी दी गई, आयोजित कार्यशाला में आए हुए अतिथि जनों का आभार विभाग की प्रो. कामना लाड़ ने व्यक्त किया।

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